AIREA ने MSEDCL के भ्रामक प्रचार की निंदा की, महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा अपनाने पर लगाए गए अवैध प्रतिबंधों को तत्काल वापस लेने की मांग ऑल-इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी एसोसिएशन (AIREA) नागपुर में आयोजित हमारी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) द्वारा दिए गए भ्रामक बयानों की कड़ी निंदा करता है। MSEDCL के दावे निराधार हैं और प्रतीत होता है कि यह जनता को गुमराह करने तथा महाराष्ट्र के नागरिकों के सौर ऊर्जा उपयोग के वैध अधिकारों को कमजोर करने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है। MSEDCL का यह आरोप कि उपभोक्ता अधिक सब्सिडी प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त सौर क्षमता स्थापित कर रहे हैं, तथ्यहीन और भ्रामक है। PM सूर्यघर योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सब्सिडी 3 kW तक सीमित है, और अधिक क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित करने से सब्सिडी की राशि नहीं बढ़ती। राज्य के नियमों और विद्युत अधिनियम के अनुसार उपभोक्ताओं को अपनी भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं और स्वीकृत लोड के अनुसार सौर क्षमता स्थापित करने का अधिकार है। हम MSEDCL के इस दावे को चुनौती देते हैं कि सोलर सप्लायर ग्राहकों पर बड़े सिस्टम लगाने का दबाव बना रहे हैं। PM सूर्यघर पोर्टल उपभोक्ताओं को अपना पसंदीदा सप्लायर चुनने और सौर क्षमता तय करने का अधिकार देता है। MNRE-एम्पैनल्ड विक्रेता अपनी सेवाओं और उत्पादों के लिए जवाबदेह हैं और किसी भी शिकायत का समाधान पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। MSEDCL का यह आरोप कि उपभोक्ता आवासीय सब्सिडी का व्यावसायिक उपयोग के लिए दुरुपयोग कर रहे हैं, निराधार और पूर्णतः भ्रामक है। ऐसे किसी भी मामले की संख्या सीमित है और इसके लिए कई चरणों में MSEDCL की स्वीकृति आवश्यक होती है। ऐसे मामलों में विक्रेताओं या उपभोक्ताओं को दोष देने के बजाय स्वीकृति देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। उच्च क्षमता स्थापना की अनुमति देने हेतु साइट निरीक्षण करने की MSEDCL की घोषणा विलंबित और अपर्याप्त प्रतिक्रिया है। PM सूर्यघर पोर्टल पर लगाए गए वर्तमान प्रतिबंध अवैध हैं और इन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए। हम मांग करते हैं कि MSEDCL पूर्व प्रणाली को पुनर्स्थापित करे और उपभोक्ताओं के सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने के अधिकारों का बिना अनावश्यक उत्पीड़न के सम्मान करे। यह गंभीर चिंता का विषय है कि MSEDCL के वरिष्ठ अधिकारी प्रधानमंत्री के सूर्यघर कार्यक्रम और मुख्यमंत्री की विकास दृष्टि को कमजोर कर रहे हैं तथा नागरिकों को उनके अधिकारों से वंचित कर रहे हैं। आरोप है कि ये अधिकारी अपने कदाचार और अपराधों को छिपाने के लिए मंत्रियों, राजनेताओं, प्रेस और नागरिकों को झूठे बयानों के माध्यम से गुमराह कर रहे हैं। इनकी कार्यवाहियों ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया है तथा नागरिकों को उनके अधिकारों से वंचित किया है। AIREA इस प्रेस नोट के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी, जो कि ऊर्जा मंत्री भी हैं, से दोषी अधिकारियों के विरुद्ध पूर्ण जांच के आदेश देने का अनुरोध करता है। MERC की सार्वजनिक सुनवाई में अधिकारियों के पूर्व हस्तक्षेप तथा आयोग के निर्णयों को प्रभावित करने के प्रयास, जिसके कारण नागरिकों को उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा, को उनके कदाचार के उदाहरण के रूप में उद्धृत किया गया है। इन चिंताओं का समाधान करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हेतु विस्तृत जांच की मांग की गई है। यदि MSEDCL द्वारा निरंतर अवरोध जारी रहा, तो महाराष्ट्र में एक व्यापक आंदोलन खड़ा होगा, जिससे राज्य की छवि को नुकसान पहुंचेगा और नागरिक प्रभावित होंगे। MSEDCL की अवैध कार्यवाहियों के विरुद्ध मामले पहले ही मुंबई उच्च न्यायालय और महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC) में दायर किए जा चुके हैं। MSEDCL की कार्यवाही के विरोध में राज्यभर में उपभोक्ता, सौर उद्योग, उद्योग संगठन, उपभोक्ता और व्यापार संघों द्वारा रैलियां और भूख हड़ताल की योजना बनाई गई है। AIREA मांग करता है कि MSEDCL अपने अवैध प्रतिबंध वापस ले और महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करे, जिससे राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों तथा केंद्र सरकार की पहलों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित हो सके। --------------------------------------------------- प्रेस निवेदन All India Renewable Energy Association (AIREA) का स्पष्टीकरण एवं अपील Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited के प्रेस विज्ञप्ति पर AIREA का जवाब नागपुर | दिनांक: ___ ऑल इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी एसोसिएशन (AIREA) महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाला एक प्रमुख उद्योग संगठन है। हाल ही में MSEDCL द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के संदर्भ में AIREA निम्नलिखित तथ्यों के माध्यम से अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहता है। 1️⃣ सब्सिडी संबंधी आरोपों पर स्पष्टीकरण PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के अंतर्गत सब्सिडी 3 किलोवाट तक सीमित है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता स्थापित करने पर अतिरिक्त सब्सिडी प्राप्त नहीं होती। अतः यह कहना कि उपभोक्ता अधिक सब्सिडी पाने हेतु अतिरिक्त क्षमता स्थापित कर रहे हैं, तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। विद्युत अधिनियम एवं राज्य नियमों के अनुसार उपभोक्ताओं को अपनी स्वीकृत लोड और भविष्य की आवश्यकता के अनुसार सौर संयंत्र स्थापित करने का अधिकार है। 2️⃣ सोलर सप्लायर्स पर दबाव के आरोप PM सूर्यघर पोर्टल उपभोक्ताओं को स्वतंत्र रूप से अपनी क्षमता और विक्रेता चुनने की सुविधा देता है। MNRE-एम्पैनल्ड विक्रेता जवाबदेह होते हैं तथा शिकायत निवारण की स्पष्ट व्यवस्था उपलब्ध है। AIREA का मानना है कि किसी भी एकल शिकायत के आधार पर संपूर्ण उद्योग को संदेह के घेरे में रखना उचित नहीं है। 3️⃣ आवासीय सब्सिडी के दुरुपयोग संबंधी मुद्दा यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है, तो उसका परीक्षण प्रक्रियागत स्तर पर किया जाना चाहिए। प्रत्येक स्वीकृति बहु-स्तरीय अनुमोदन प्रक्रिया से गुजरती है, जिसमें संबंधित विभाग की भी भूमिका होती है। ऐसे मामलों में सामूहिक आरोप लगाने के बजाय तथ्यात्मक जांच अधिक उपयुक्त उपाय होगा। 4️⃣ वर्तमान प्रतिबंध एवं प्रक्रियात्मक बाधाएं AIREA का मानना है कि हालिया प्रक्रियात्मक परिवर्तन एवं पोर्टल स्तर पर लगाए गए प्रतिबंधों से: परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब उपभोक्ताओं की वित्तीय हानि उद्योग में अस्थिरता निवेश में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। हम निवेदन करते हैं कि पूर्व की पारदर्शी एवं समयबद्ध प्रणाली को पुनर्स्थापित किया जाए ताकि उपभोक्ताओं के अधिकार सुरक्षित रहें और उद्योग सुचारू रूप से कार्य कर सके। 5️⃣ माननीय मुख्यमंत्री से अपील AIREA माननीय मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री Devendra Fadnavis से अनुरोध करता है कि इस विषय पर निष्पक्ष एवं व्यापक समीक्षा कराई जाए। यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक त्रुटियां या प्रक्रियागत विसंगतियां हुई हैं, तो उनकी जांच कर उचित समाधान निकाला जाना चाहिए। 6️⃣ कानूनी एवं लोकतांत्रिक विकल्प उद्योग और उपभोक्ताओं की ओर से संबंधित विषय Bombay High Court तथा Maharashtra Electricity Regulatory Commission के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं। AIREA का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान प्राप्त करना है। हालांकि, यदि उद्योग और उपभोक्ताओं के वैध अधिकारों पर निरंतर बाधाएं बनी रहती हैं, तो लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी बात रखने के विकल्प खुले रहेंगे। निष्कर्ष महाराष्ट्र सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में अग्रणी राज्यों में से एक है। हमारा विनम्र आग्रह है कि सभी संबंधित पक्ष — प्रशासन, उद्योग और उपभोक्ता — मिलकर ऐसी प्रणाली विकसित करें जो: ✔ पारदर्शी हो ✔ समयबद्ध हो ✔ उपभोक्ता-अनुकूल हो ✔ नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप हो AIREA पुनः स्पष्ट करता है कि हमारा उद्देश्य केवल महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा के विकास को गति देना और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। -------------------------------------- 🎯 Who Should Download This? ✔ Homeowners planning 1–10 kW rooftop solar ✔ Families with high electricity bills ✔ Consumers applying under subsidy schemes ✔ Anyone who wants zero confusion during 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Just clarity. ☀️ Planning Rooftop Solar in Maharashtra? Read This Before You Apply While industry-level discussions continue around procedural updates and approvals, one thing remains clear: Homeowners still want reliable, correctly designed rooftop solar systems. If you are planning to install rooftop solar in Maharashtra, this is the right time to focus on what you can control — smart planning, proper documentation, and choosing the right technical partner.

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